विधुकर अपनी नगरी पहुँचकर , अपनी सारी प्रजा को , मूल राज्य जाने का आदेश दिया ! विधुकर अपनी नगरी पहुँचकर , अपनी सारी प्रजा को , मूल राज्य जाने का आदेश दिया !
दूसरे दिन सब लोग वहां से चले गए और ये कहानी थी, अमाया के खून से लिखी सपनों की दास्तान। दूसरे दिन सब लोग वहां से चले गए और ये कहानी थी, अमाया के खून से लिखी सपनों की द...
सौत तो आख़िर काठ की भी बर्दाश्त नहीं होती जेन कैसे बर्दाश्त करती? सौत तो आख़िर काठ की भी बर्दाश्त नहीं होती जेन कैसे बर्दाश्त करती?
क्या मैं सपना देख रहा था या किसी ने सच में मुझे तमाचा जड़ा था? क्या मैं सपना देख रहा था या किसी ने सच में मुझे तमाचा जड़ा था?
उसे लगता उसके सिर से सींग निकल आये हैं, आंखें सुर्ख लाल हो जातीं! उसे लगता उसके सिर से सींग निकल आये हैं, आंखें सुर्ख लाल हो जातीं!
वहां जाकर उसे पता चलता है कि साक्षी ने तो एक साल पहले ही आत्महत्या कर ली! वहां जाकर उसे पता चलता है कि साक्षी ने तो एक साल पहले ही आत्महत्या कर ली!